चालीस साल के बाद डेटिंग

-विद्युत प्रकाश मौर्य

कहते हैं इश्क में उम्र की कोई सीमा नहीं होती…. यह सच है इसलिए अगर आप चालीस की उम्र को पार कर चुके हैं तो कमसिन बालाओं को देख कर सिर्फ़ ठंडी-ठंडी आहें न भरें बल्कि पहल शुरू करें। जी हां, जो हसरतें आप जवानी में पूरी न कर सके हों, उसे ढलती हुई उम्र में पूरा करने की प्लैनिंग करें। एक छोटी-सी कहानी है- बचपन की प्रेमिका से ढलती उम्र में मुलाक़ात हो गई। आशिक़ मिज़ाज प्रेमी पूछ बैठा प्यार करोगी जानी तो तपाक से प्रेमिका बोल पड़ी- का वर्षा जब कृषि सुखानी…. पर अब आप इस कहावत को भूल जाइए कोई भी समय कृषि सुखाने का नहीं होता। अगर आप टी.वी. और अख़बारों के विज्ञापनों को ध्यान से देखते होंगे तो आप ने देखा होगा…. साठ साल के जवान….

अभी हाल हीी में मैंने एक लेख पढ़ा जिसमें गंभीरता से यह सलाह दी गई थी कि चालीस के ऊपर के लोग डेटिंग कैसे करें। अक्सर आप जवानी के दिनों में अपनी प्रेमिका को आईसक्रीम खिलाने की, रेस्टोरेंट ले जाने की या फिर सिनेमा दिखाने की बात सोचते होंगे पर आपकी हसरत जेब ढीली होने के कारण मन में ही रह जाती होगी। पर अब आप इसी दबी हुई हसरत को पूरी कर सकते हैं क्योंकि अब आप नौकरी पेशा हैं और चालीस की उम्र में आपकी तनख्वाह भी मोटी हो चुकी होगी। आज आपके पास कार नहीं तो बाइक ज़रूर ही होगी। सो आप अपने वेतन का कुछ हिस्सा डेटिंग के नाम पर ख़र्च करना आरंभ कर दें। अगर बीवी पूछे कि तनख्वाह में से इतने रुपये कहां गए तो कोई बहाना बना दें। अब तक आपको इतना करना तो आ ही गया होगा। अब आप पूछ सकते हैं भला इस उम्र में आपके ऊपर लड़कियां क्योंआकर्षित होंगी। तो जनाब आप इस ग़लतफ़हमी में न रहें, लड़कियां तो पॉकेट की गर्मी देख कर ही आकर्षित होती हैं। उनका सूरत और सीरत से भला क्या काम। अगर आप किसी बड़े दफ़्तर में काम करते हैं तो किसी को आप कैंटीन या कैफ़े टेरिया ले जाने का ऑफ़र दें। अगर आपको बस स्टॉप पर कोई लड़की बस का इंतज़ार करती दिखे तो उसे लिफ़्ट देने की ऑफ़र दें। आपकी उम्र को देखते हुए आपके ऊपर कोई शक भी नहीं करेगा। इस तरह के कई और तरीक़े हो सकते हैं निकटता प्राप्त करने के पर मैं मुफ़्त में इतना सब कुछ नहीं बताने वाला हूं। अगर आपको लगता है कि इस उम्र में भला यह सब कैसे शोभा देगा तो जनाब आप ग़लतफ़हमी में हैं। आप जैसे लोगों के लिए शायर ने लिखा है-

कौन कहता है कि बूढ़े इश्क नहीं करते….

इश्क तो खूब करते हैं, लोग उन पर शक नहीं करते….

रही बात बदनामी की तो इससे हरगिज़ न घबराएं…. अगर आपके नाम के साथ थोड़ा बहुत स्कैंडल जुड़ता है तो इससे अपकी चर्चा बढ़ेगी। हो सकता है इससे आपको सकारात्मक लाभ मिले। हां, अगर मामला ज़्यादा बिगड़ता हुआ दिखे तो आप उसको संभालने की कोशिश करें। हो सकता है आपकी इस इश्क मिज़ाजी पर आपकी बीवी को शक हो…. तो होने दीजिए न शक। आपकी बीवी को इस बात पर रश्क हो सकता है कि मेरे पति के आगे पीछे इस उम्र में भी तितलियां मंडराती हैं। हां, आप किसी तितली को घर न आने दें। अगर मामला ज़्यादा बिगड़ता हुआ दिखाई दे, आप खुद संभाल लें। अगर लात, जूते, लाठी, डंडे पड़ने की नौबत आ जाती हो तो…. इस मामले में हम आपको बचाने नहीं आ सकेंगे। ऐसे नाज़ुक मामले में आप तुरंत अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें….।

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