दौर है स्मार्टनेस का

प्रतिस्पर्धा के आज के दौर में स्मार्टनेस अहम रोल अदा करती है। आज के दौर में खूबसूरती से अधिक फिटनेस तथा स्मार्टनेस को महत्वपूर्ण माना जाता है। वो दिन लद गए जब गोरे रंग वाली, काले घने केश तथा तीखे नयन नक्शों वाली शर्माती, सकुचाती महिला खूबसूरती की मिसाल हुआ करती थी। आज तो आकर्षक व्यक्तित्व वाली आत्मविश्वास से भरपूर महिला ही अपना मुक़ाम पा सकती है। आकर्षक व्यक्तित्व के लिए आवश्यक है आत्मविश्वास, चलने फिरने का एवं बात करने का सही तरीक़ा, व्यवहार का अनूठा अंदाज़।

अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए यदि चंद बातें ज़ेहन में रखी जाएं तो भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाई जा सकती है।

सबसे पहले तो ज़रूरी है समयानुसार तैयार होना। अपने कपड़े, अपने मेकअॅप का चयन करते वक़्त आप ध्यान रखें कि आप कहां जा रहे हैं और किस काम से जा रहे हैं। फ़ैशन के अनुरूप तैयार हों। यदि आप कामकाजी महिला हैं। आपके सहकर्मी सूट या साड़ी जैसे परिधान पहनते हैं तो आप भी सामान्य क़्सिम के परिधान पहनें। ज़्यादा फ़ैशनेबल  ड्रैसेज़  आप की छवि को ख़राब कर देंगी।

इसके बाद आपको अपने व्यवहार पर भी ध्यान देना है। धैर्य से दूसरों की बात सुनने की आदत बनाएं। बातूनी लोग जो अपनी ही बात करते रहते हैं। उनकी बात का प्रभाव कभी अच्छा नहीं पड़ता। आप का बात करने का लहज़ा इतना इम्प्रेसिव हो कि दूसरा आपकी बात को ध्यान से सुन सके। इसके लिए अति आवश्यक है कि उनको भी लगे कि आपको उनकी बात में दिलचस्पी है। इसके अलावा दूसरों की प्रशंसा करने की आदत भी बनाएं। अकसर हम मन ही मन दूसरों की प्रशंसा तो करते हैं लेकिन सामने प्रकट नहीं करते यदि किसी का कोई काम या कोई गुण पसंद आता है तो उसकी प्रशंसा अवश्य करें। ऐसी बातों से हम लोगों में प्रिय बनते हैं। उचित एवं नपेतुले शब्दों में की गई प्रशंसा ही सही मायने में प्रशंसा कहलाती है। बेबात हर वक़्त की जाने वाली प्रशंसा की कद्र नहीं होती। बिना सोचे-समझे झूठी एवं आवश्यकता से अधिक की गई प्रशंसा आपका प्रभाव ख़त्म कर देगी।

बातचीत करते वक़्त यह भी ध्यान रखें कि आपका लहज़ा सदा शिकायती नहीं होना चाहिए। यदि कोई बात बुरी लगे तो शांति से बैठकर बात कर लें। क्षमा करने से हिचकिचाएं नहीं स्वयं भी ज़रूरत पड़ने पर क्षमा मांगे। रूठे हुओं को मनाना भी सीखें।

आज के आपाधापी के दौर में ज़्यादातर पढ़ी-लिखी अच्छे घरों की महिलाओं में झल्लाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। जिस से रिश्तेदारों और परिचितों में उनका प्रभाव बहुत बुरा पड़ता है। ये आदत इनके अपने और अपने बच्चों के लिए बहुत नुक़सानदायक साबित होती है। अपनी इस आदत पर क़ाबू पाना बहुत आवश्यक है वरना आपके सारे गुण इस अवगुण के कारण ढके जाएंगे। अपनी परिस्थितियों के साथ समझौता करना सीखें। जो है उसी में अपने को बेहतर साबित करने का प्रयत्न करें।

रोज़ाना की ज़िंदगी के अलावा कुछ महत्वपूर्ण दिन आप के व्यक्तित्व को प्रभावित बनाने में अपना अहम रोल अदा करते हैं। यदि आपने कोई ख़ास मीटिंग वगैरा अटैंड करनी हो तो समय से पहले पहुंचे और पूरी तैयारी से पहुंचे। संबंधित बातों की पूरी जानकारी एकत्रित कीजिए। पूर्ण उत्साहपूर्ण नज़र आना लाज़िमी है। स्त्री आभूषण शर्म व घबराहट का त्याग कर आत्मविश्वास से अपना रोल अदा करें।

कामकाजी महिलाएं हर काम ठीक तरीक़े से करने की आदत डालें आज का काम कल पर टालने की आदत से बचें। इससे आप तनावमुक्त रह सकेंगी। चेहरे पर कोई तनाव न होने पर प्रसन्नचित्त रह पाएंगी। प्रसन्न रहने वाला चेहरा सबका पसंदीदा होता है। सब का मुस्कुराहट से स्वागत करना चाहिए। पर हर बात में यह ध्यान अवश्य रखें कि आपकी छवि ख़राब न होने पाए। हर बात सही समय पर और अपनी सीमा में ही अच्छी लगती है।

खुशमिज़ाज, सही बात को सही जगह कहने वाली और सलीके से तैयार होनेवाली महिलाएं जल्दी दूसरों को प्रभावित करती हैं। जहां ज़्यादा बातूनी और फ़िजूल हंसती रहने वाली महिलाओं का प्रभाव सही नहीं पड़ता। वहीं ज़्यादा चुस्त परिधान जो शरीर से चिपके हुए हों आपका प्रभाव ख़राब करते हैं। अंग प्रदर्शन वाले परिधान आप की छवि को ख़राब कर सकते हैं।

इन बातों को यदि आप ध्यान में रखेंगी तो आकर्षक व्यक्तित्व की स्वामिनी तो कहलाएंगी ही साथ ही साथ आप की कार्यशैली में भी निखार आएगा। जल्द ही आप समाज में विशिष्ट स्थान बना पाएंगी। यही तो हम सब चाहते हैं कि हमें देख कर सब कहें- वाह! क्या बात है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*