-डॉ: अशोक गौतम


आदरणीय अपराधी छवि वाले तमाम बन्धुओं, आपको यह तो पता ही होगा कि लोकतन्त्र के पाखण्ड को ज़िन्दा रखने के लिए फिर चुनाव आ गए हैं। इस चुनाव में अपनी पार्टी के लिए आप जैसे नापाक छवि वालों की सख़्त ज़रूरत है। पिछले दिनों जो हमने स्टेटमेंट दिया था कि अपराधी छवि वालों के लिए पार्टी टिकट नहीं देगी उसे अन्यथा लें। उस पर ध्यान देने की क़तई ज़रूरत नहीं। वह कोरा स्टेटमेंट था। बस देने भर के लिए। एक औपचारिकता भर। लोकतन्त्र की आंखों में धूल झोंकने के लिए। वैसे यह दीगर है कि लोकतन्त्र की अब आंखें नहीं रही हैं। वास्तव में बन्धुओं, हमें ऐसे अपराधियों की बहुत ज़रूरत है जो जेल में बैठे ही चुनाव जीत लें।

 बन्धुओं आपको तो ज्ञात ही है कि वे दिन लद गए, जब राजनीति में ईमानदार नेता पूजे जाते थे। आज तो ईमानदारों पर समाज मूत मारने से भी कतराता है। ईमानदारों का आज की राजनीति में कोई काम नहीं। ईमानदारी का आज की राजनीति में कोई योगदान नहीं। बन्धुओं, आज राजनीति को आपकी सख़्त ज़रूरत है। राजनीति में प्रवेश के लिए बन्धुओं ये चुनाव आपके लिए सिद्धिकारक मुहूर्त है। अत: कम से कम चुनाव के समय अपने अपराधों को मत छुपाइए। अपने अपराधों से मत शरमाइए। आइए, आइए, आइए, अपने अपराधों के आधार पर हमारी पार्टी के थ्रू राजनीति में अपनी आदरणीय जगह बनाइए। अपराध आज के युग के हर नेता का जन्मसिद्ध अधिकार है। जो अपराधी नहीं, वह देश में लाचार है, बीमार है।

 हे अपराधों से सुशोभित बन्धुओं, चुनाव आपके लिए आदरणीय जीवन जीने का प्रवेश द्वार है। आपके तमाम अपराधों का कानूनी स्वीकार है। यदि आप अपने अपराधों के चलते पुलिस और कानून से छुप रहें हैं तो आइए! राजनीति के द्वार आपके लिए खुले हैं। हम आपका हार्दिक स्वागत करने के लिए पलकें बिछाए खड़े हैं। हमारे साथ खड़े होने पर हम आपके अपराधों को कानून और पुलिस से सुरक्षा देने की हामी भरते हैं।

 बन्धुओं!  हम जानते हैं कि दिन-दहाड़े तिहाड़ जेल से भागने वालों का, जेल में सुरंग खोदकर भाग निकलने वालों का सम्मान कैसे करना चाहिए। हमें आपके अपराधों की कद्र करना आता है। हम चाहते हैं आपके अपराधों का सम्मान हो। आप जैसे कुछ भी करने का माद्दा रखते हैं और हमारी पार्टी को ऐसे ही अपराधियों की ज़रूरत है जो अपराध के लिए तन, मन से समर्पित हों। आपकी जगह जेल नहीं, संसद है बन्धुओं। अत: राजनीति में आकर राजनीति और स्वयं को कृतार्थ कीजिए। संसद आपके स्वागत के लिए पलकें बिछाए बैठी है।

 बन्धुओं! हमारी पार्टी में आने पर हम आपके गुनाहों को सामाजिक स्वीकृति दिलाएंगे। हम आपके अपराध को कानून के साथ बिठाएंगे। हम आपके अपराध को संभ्रांतता से सजा देंगे। यक़ीन मानिए। राजनीति में आने पर आपकी अपराध करने की प्रवृति पर कोई आंच नहीं आएगी बल्कि ओर भी निखार आएगा। जो पुलिसिए आपके अपराधों के पीछे डण्डा लिए घूमते हैं चुनाव लड़ने के बाद वही पुलिसिए आपके अपराध के आगे सलाम करेंगे और अपराध करने में आपकी सहायता भी करेंगे।

 हम आपको बता दें कि राजनीति में अपराध करने वालों के लिए असीम व अपरिमित स्कोप है। बन्धुओं! ये बसंत के दिन नहीं, चुनाव के दिन हैं, अपराध की निगरानी में कुर्सी के दांव के दिन हैं। अत: अपने अपराधों का बढ़-चढ़ कर प्रचार कीजिए और हमारी पार्टी का कहीं न कहीं से टिकट लीजिए।

 बन्धुओं! आपकी ऊर्जा की समाज को नहीं, हमें ज़रूरत है। हमें आपके अपराधों की कद्र करना आता है। हम जानते हैं, हमारी पार्टी के लिए आप कितने अहम हैं। जिस पार्टी में आप जैसी छवि वाले नहीं वह पार्टी बैड पार्टी है।

 आप ही राजनीति की शान हो। हमारी पार्टी आपके बिना विधवा है। आप आकर उसे सुहागिन बनाइए प्लीज़! हम जनता से नहीं, अपनी जीत के लिए आपसे अपील करते हैं कि हमारी पार्टी की ओर रुख कीजिए।

 जनता हमारे साथ हो या न! आप हमारे साथ हो तो हमारी जीत तय है। हमारी जीत वास्तव में आपकी जीत है। लोकतन्त्र पर अपराध की जीत है। हमारी पार्टी में बन्धुओं, हर अपराधी को उसके अपराधों के आधार पर ईमानदारी से स्थान दिया जाता रहा है। आपके अपराधों का हम ग़लत आकलन करेंगे, ऐसा भूल से भी न सोचें। यह चुनाव आप जैसों के लिए एक और सुनहरी अवसर है। तो आओ बन्धुओं! सुनहरी अवसर का लाभ उठा देश और राजनीति को कृतार्थ करो! गंगा घर आई है। हाथ क्या धोने, पूरी तरह नहा लेते हैं। राजनीति में प्रवेश के लिए तोरणद्वार आपके स्वागत के लिए हर जगह लगे हैं।

 

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