Author Archives: admin

नये अशआर

लांघ कर जिस दम रिवायत की हदों को आएगी देख लेना फिर वो बस्ती भर में पत्थर खाएगी चांद तारे मुंह छिपा लेंगे घटा की ओट में कोई गोरी अपनी छत पर ज़ुल्फ़ जब लहराएगी

Read More »

थोड़ी ही देर सही

थोड़ी ही देर सही मौसम खुशगवार हुआ तो था। थोड़ी ही देर सही तुझको प्यार हुआ तो था। कहां गया वह पौधा जिसे लगाने पर बूटा-बूटा चमन का

Read More »

पानी से मत बहो

पानी-से मत बहो पूर्व-निर्मित सड़को पर। नई पगडंडियां विकसित करो। आलोचना का गरल तो मिलेगा इस राह में

Read More »

आस्था में सेंध

पंडित ने कहा था यजमान आपके भाग्य का सितारा चमकने वाला है कुछ ही देर के बाद आपकी अपनी कोठी होगी और आपके पास अमुल्य धन सम्पदा होगी।

Read More »

लिख दो

तुम्हारे नाम लिख दिए हैं वे खूबसूरत नज़ारे भी जो अभी देखने बाक़ी हैं उन फूलों की खुशबू भी जो अभी खिलने बाक़ी हैं उन झरनों की झंकार भी

Read More »

वैलेन्टाइन डे

यदि विश्लेषण किया जाए तो यह रिवाज़ या परम्परा विदेशी प्रतीत नहीं होती। हम अपने पुरातन काल के साहित्य का अध्ययन करें तो प्रेमी-प्रेमिकाओं के क़िस्से-कहानियां

Read More »

वैलेन्टाइन डे के प्रति ग़लतफ़हमी क्यूं?

हमारे बुज़ुर्ग कहते हैं ये अन्धी दौड़ है जिसकी असलियत जाने बिना वो उस दौड़ में शामिल होते हैं ताकि वे अपने आप को आधुनिक साबित कर सकें।

Read More »