प्रेम संबंध

प्रेम बनाता है लड़कियों को मोटा

लड़कियां रिश्ते के प्रति विश्वसनीय रहती हैं और वज़न के बढ़ने के बारे में लापरवाह रहती हैं। लेकिन प्रेम में पड़ने से पहले या रिश्ता टूटने अपने वज़न पर कंट्रोल रखती है

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वैलेन्टाइन डे

यदि विश्लेषण किया जाए तो यह रिवाज़ या परम्परा विदेशी प्रतीत नहीं होती। हम अपने पुरातन काल के साहित्य का अध्ययन करें तो प्रेमी-प्रेमिकाओं के क़िस्से-कहानियां

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वैलेन्टाइन डे के प्रति ग़लतफ़हमी क्यूं?

हमारे बुज़ुर्ग कहते हैं ये अन्धी दौड़ है जिसकी असलियत जाने बिना वो उस दौड़ में शामिल होते हैं ताकि वे अपने आप को आधुनिक साबित कर सकें।

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आज के दौर का सच्चा प्यार

प्यार एक अहसास, एक जज़बात, एक भावना है। सुनने में छोटा-सा लगने वाला यह शब्द वास्तव में इतना विशाल है कि इसमें पूरा ब्रह्माण्ड समा सकता है, पूरी धरती इस पर टिकी है, हर कण-कण में यह समाया है।

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प्यार का नया अंदाज़

सूचना क्रांति के इस युग ने इश्क़, प्यार, मुहब्बत और प्रेम के इन समानार्थी शब्दों के इज़हार के मायने भी बदल दिए हैं। प्रेम जैसी संवेदनशील, कोमल भावनाओं का आदान-प्रदान करने के तरीक़ों में बेहद बदलाव हुए हैं।

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क्या यही प्यार है

युग-युगान्तर तक अपनी अलग पहचान बनाये रखी प्रेम, प्यार ने चाहे वह सीता जी-राम जी का हो या लैला-मजनूं के क़िस्से हों। पर अब सब कुछ बदल रहा है

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रुको मधुमास

जूं-जूं बूंदे परे, जिया लरज़े/छतियां मोरी तकरार करें। उदास आंगन में नीम तले, खटिया पे बैठ, प्रिय को संदेश लिखने बैठती है पर मन है कि अधजल गगरी-सा छलक-छलक पड़ता है- पत्तिया मैं कैसे लिखूं/लिखयो न जाय क़लम गहे मोरे, कर कांपत हैं, सखी! नयन रहे झरलाय।

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क्या आप प्रेमी या प्रेमिका की तलाश में है?

 -दीपक कुमार गर्ग आजकल की नौजवान पीढ़ी के लड़के-लड़कियां अक्सर ही अपने जीवन में एक सच्चे प्रेमी या प्रेमिका की तलाश में रहते हैं। परन्तु दुख के साथ कहने में आता है कि सच्चा प्रेम बहुत ही कम लोगों के नसीब में होता है। ज़्यादातर लोग प्रेम के नाम पर धोखा खाते है और उनकी ज़िंदगी बर्बाद हो जाती है। ...

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सहज प्रीत की सहज (साखी) कहानी

-दीप ज़ीरवी भारत भूमि की विराट कैनवस है जिस पर समय के चित्रकार ने अपनी तूलिका से समय-समय पर विभिन्न रंग बिखेरे हैं। कहीं महाभारत का समरांगण तो कहीं गोकुल, कहीं वृन्दावन। कहीं दक्षिण के पठार, कहीं हिमालय को छेड़ कर निकलती शीतल बयार, समय के चित्रकार की यह अनुपम कला कृतियां ही तो हैं। मेरे भारत के कण-कण में ...

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